शुक्रवार, 23 जुलाई 2010

काम निपटाआ॓, सैलरी एक्स्ट्रा पाआ॓


कॉमनवेल्थ गेम्स परियोजनाओं में लगातार हो रही देरी से क्षुब्ध मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों व अफसरों की क्लास ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित तिथियों तक पूरा कर लिया जाए।

उन्होंने तीन स्टेडियम समय पर पूरा करने करने के लिए उन्हें शाबाशी भी दी और एलान किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजन के सफल आयोजन के बाद गेम्स परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों को एक माह का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा।

सचिवालय में आयोजित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी इंजीनियर दिल्ली को अन्तर्राष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी के लिए तैयार करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली की विश्व के विकसित देशों जैसी छवि पेश करने का यह अनूठा अवसर है। उन्होंने पीडबल्यूडी इंजीनियरों से कहा कि वे सितम्बर माह में सभी सड़कों और सभी परियोजनाओं का ऐसी मोबाइल वैन में दौरा करें जिनमें मरम्मत और सुधार के सभी साजो–सामान हों और जहां–जहां जैसे ही कोई खामी देखें उसे दुरूस्त करें। तीन स्टेडियम समय से पहले पूरा करने के लिए पीडबल्यूडी के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने स्ट्रीट स्केपिंग कार्य पूरा करने को कहा।

उन्होंने कहा कि पीडबल्यूडी द्वारा बनाये गये त्यागराज स्टेडियम की सभी ने प्रशंसा की है क्योंकि यह सर्वश्रेष्ठ खेल बुनियादी ढांचे में एक है। उन्होंने कहा कि बहु-निकाय व्यवस्था, ठेकेदारों के रवैये और मजदूरों की कमी के कारण कई दिक्कतें आईं। इन सभी के बावजूद पीडबल्यूडी ने अच्छी शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने माना कि बारापुला नाला और रिंग रोड बाईपास की परियोजनाओं के कारण चिंता रही लेकिन अब ये दोनों अगस्त माह में पूरी हो जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथियों का कड़ाई से पालन किया जाना है।

लोक निर्माण विभाग मंत्री चौहान ने कहा कि 90 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा कर लिया गया है। उन्होंने वर्ष 2009–10 को पीडबल्यूडी की दृष्टि से ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कि पीडबल्यूडी को अब वह भी काम करने पड़ रहे हैं जो पहले अन्य एजेंसियां करती थीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्ट्रीट स्केपिंग के बचे हुए काम जल्द पूरे किए जाएंगे। प्रधान सचिव पीडबल्यूडी केके शर्मा ने भरोसा दिलाया कि सभी निर्धारित तिथियों का शत–प्रतिशत पालन किया जाएगा।

हड़ताल पर रहे ठेकेदार : दिल्ली म्युनिसिपल कॉट्रैक्टर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में एमसीडी के ठेकेदार बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। एसोसिएशन का दावा है कि तीन हजार ठेकेदारों ने काम बंद कर रखा है। साथ ही मलवा ढोने वाले वाहन भी बंद रहे।

Source: News

गुरुवार, 22 जुलाई 2010

क्वींस बेटन 25 सितम्बर को बीकानेर में


राष्ट्रकुल खेलों की अलख लिए क्वींस बेटन रिले 25 सितम्बर को जैसलेमर से बीकानेर पहुंचनेगी।

रिले का नाल रोड पर गर्मजोशी से स्वागत किया जाएगा तथा डा.करणी सिह स्टेडियम में मुख्य समारोह आयोजित होगा।

जिला कलक्टर श्रेया गुहा ने बताया कि दिल्ली में प्रस्तावित 19वें राष्ट्रकुल खेलों के तहत बेटन रिले 22 सितम्बर को जयपुर 23 को जोधपुर और 24 को जैसलमेर होते हुए 25 सितम्बर को बीकानेर पहुंचेगी।

उन्होंने बताया कि यह रिले डा.करणी सिहं स्टेडियम से रवाना होकर मुख्य मार्ग होती हुई राजस्थान पशु चिकित्सा एंव पशु विज्ञान विश्वविघालय के आडिटोरियम पहुंचेगी।

गुहा के अनुसार जिले में प्रवेश से लेकर रिले की रवानगी तक कडी सुरक्षा की जाएगी। लगभग तीन दर्जन से ज्यादा वाहनों के काफिले की सुरक्षा कें लिए पुलिस के साथ-साथ सेना की भी मदद ली जाएगी।

बेटन रिले बीकानेर से 26 सितम्बर को चूरू होते हुए हिसार के रास्ते हरियाणा में प्रवेश करेगी।

नोएडा, गाजियाबाद व पूर्वी दिल्ली एनएच-24 तक भरें फर्राटा


कॉमनवेल्थ गेम्स के मद्देनजर खेलगांव के पास बनाए गए खेलगांव फ्लाईआ॓वर के एक कैरिज वे को मंगलवार को आम जनता के लिए खोल दिया गया। इस फ्लाईआ॓वर के चालू होने से निजामुद्दीन की आ॓र से गाजियाबाद व नोएडा जाने वाले वाहन फर्राटा भर सकेंगे।

फ्लाईआ॓वर के दूसरे कैरिज-वे को भी जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। फ्लाईआ॓वर के चालू होने से नोएडा, गाजियाबाद व पूर्वी दिल्ली की आ॓र जाने वाले वाहन चालकों को जाम से निजात मिलेगी।

खेलगांव से चंद दूरी पर करीब 80 करोड़ की लागत से बने खेलगांव फ्लाईआ॓वर के एक कैरिज-वे को मंगलवार को डीडीए के अधिकारियों ने आम जनता के लिए खोल दिया। डीडीए के एक अधिकारी ने बताया कि इस फ्लाईआ॓वर का निर्माण कार्य मार्च 2009 में शुरू किया गया था और इसे पूरा करने की अंतिम अवधि सितम्बर 2010 रखी गई थी।

अधिकारी ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स प्रोजेक्ट में यह सबसे अहम प्रोजेक्ट था जो तय समय से दो महीने पहले बनकर तैयार हुआ है। खेलगांव से फ्लाईआ॓वर की दूरी महज 800 मीटर है। खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखकर फ्लाईआ॓वर के दोनों किनारों पर साउंड व बुलेटप्रूफ दीवारें भी बनाई जाएंगी।

खेलगांव में रहने वाले खिलाड़ियों के लिए फ्लाईआ॓वर के नीचे से एक अंडाकर रोटरी बनाई जाएगी। जिससे फ्लाईआ॓वर के नीचे से ही खिलाड़ी पूर्वी दिल्ली स्थित यमुना स्पोर्ट्स कॉमप्लेक्स आ-जा सकेंगे।

Source: http://www.samaylive.com/sports-hindi/index.1.html

कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए दिल्ली तैयार : शीला


दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कॉमनवेल्थ गेम्स की आधी-अधूरी तैयारियों को लेकर उठ रही आशंकाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि इस खेल के लिए दिल्ली पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री सोमवार को चंडीगढ़ से दिल्ली लौटते समय पर्यटन केंद्र कर्ण लेख में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।

शीला ने कहा कि हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों में आई बाढ़ से दिल्ली को कोई खतरा नहीं है। बाढ़ का दिल्ली में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की आपदा दिल्ली पर आई तो सरकार इससे निपटने में सक्षम है। सरकार कॉमनवेल्थ गेम्स कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा कि खेलों को लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि खेलों के लिए तैयार किए गए मैदानों को पूरी तरह से साफ-सुथरा बनाया गया है। जिन खेल मैदानों में गंदगी है उसे अगस्त माह तक साफ-सुथरा कर दिया जाएगा। उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए खेल गांव तैयार किए गए हैं जहां उन्हें रखा जाएगा।

खिलाड़ियों के खाने-पीने से लेकर हर सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया गया है ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि खेल प्रेमियों के रहने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। सभी खेल प्रेमियों को दिल्ली के नजदीक गुड़गांव और नोएडा में ठहराने की व्यवस्था की गई है।

गुरुवार, 1 जुलाई 2010

सड़क के रास्ते चण्डीगढ़ पहुंचेगी 'क्वीन्स बैटन'


राष्ट्रमंडल खेलों की मशाल यात्रा 'क्वीन्स बैटन रिले' गुरुवार को सड़क मार्ग के जरिए चण्डीगढ़ पहुंचेगी। पहले इसे हवाई मार्ग के जरिए यहां लाया जाना था।

'क्वीन्स बैटन रिले' की आधारिक प्रवक्ता प्रिया सिंह पॉल ने बताया, "मशाल को पहले जम्मू से विमान के जरिए चण्डीगढ़ लाया जाना था। परंतु सुरक्षा कारणों की वजह से कार्यक्रम में बदलाव किया गया। अब इसे सड़क मार्ग के जरिए लाया जा रहा है।"

राष्ट्रमंडल में शामिल देशों में लगभग 170,000 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद मशाल 25 जून को पाकिस्तान के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल हुई थी। भारत पहुंचने पर मशाल का पूरे उत्साह से भव्य स्वागत किया गया था। अब यह मशाल देश के 28 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों में 20,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए 30 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचेगी।

पाकिस्तान ओलंपिक संघ के अध्यक्ष आरिफ हसन ने मशाल भारतीय ओलंपिक संघ (आईएओए) के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी को वाघा सीमा पर सौंपी थी। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल शिवराज पाटील, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर कई ओलंपियन और सियासी व खेल जगत की कई हस्तियां मौजूद थीं।

आईएओए के अधिकारी राजा सिद्धू का कहना है, "मैंने पंजाब पुलिस के प्रमुख से कहा है कि मशाल के यहां पहुंचने के दौरान पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाए। मशाल पंजाब के पठानकोट, होशियारपुर और मोहाली होते हुए चण्डीगढ़ पहुंचेगी।"

गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में तीन से 14 अक्टूबर तक राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन किया जाएगा। वर्ष 1982 में देश में हुए एशियाई खेलों के बाद यह खेलों के लिहाज से सबसे बड़ा आयोजन होगा।

Source:http://www.samaylive.com/sports-hindi/common-welth-games-delhi/index.1.html

छात्रों को खेलों में मुफ्त टिकट

केंद्रीय खेल मंत्री एम. एस. गिल ने मंगलवार को अक्टूबर में शुरू होने जा रहे राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान छात्रों को मुफ्त टिकट देने का प्रस्ताव रखा है।

राजधानी में एक समारोह में गिल ने कहा कि इस कदम से छात्रों में खेलों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। इसके बाद हम भविष्य में विश्वविद्यालयों और स्कूलों में कई प्रतियोगिताओं का आयोजन होते हुए देखेंगे।

उन्होंने कहा कि खेलों का पूरा संबंध युवाओं से है इसलिए मैं चाहता हूं कि आयोजन समिति मैचों के दौरान प्रमुख स्कूलों समेत गांवों के स्कूलों के छात्रों के लिए मुफ्त टिकट की एक श्रेणी निर्धारित करे।

खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे लेकिन उन्होंने तत्काल इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया नहीं दी।

इस प्रस्ताव को आयोजन समिति द्वारा कार्यान्वित कराए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर गिल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि सुरेश जी ऐसा करने में सक्षम हैं।

राष्ट्रमंडल खेल 3 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक चलने हैं। इन खेलों के लिए टिकटों की कीमत 50 रुपये से 50 हजार रुपये के बीच रखी गई है।

Source:http://www.samaylive.com/sports-hindi/common-welth-games-delhi/index.1.html